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अपने नवजात शिशॠको कैसे लपेटें (सà¥à¤µà¥‹à¤¡à¤²)
In this article
शिशॠको लपेटने या सà¥à¤µà¥‹à¤¡à¤² करने का कà¥à¤¯à¤¾ मतलब है?
नवजात शिशॠको कपड़े में लपेटने से कà¥à¤¯à¤¾ फायदा होता है?
कà¥à¤¯à¤¾ शिशॠको लपेटने से कोई नà¥à¤•सान हो सकता है?
अपने शिशॠको कैसे लपेटें?
शिशॠको सà¥à¤µà¥‹à¤¡à¤² करना कब बंद कर देना चाहिà¤?
सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाने की मà¥à¤¦à¥à¤°à¤¾à¤à¤‚
शिशॠको अपने साथ लिटाकर सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाती हà¥à¤ˆ माà¤à¤œà¤¾à¤¨à¥‡à¤‚ आपके और आपके शिशॠके लिठकौन सी मà¥à¤¦à¥à¤°à¤¾ सही रहेगी !
नवजात शिशॠको कपड़े में लपेटने की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ लंबे समय से चली आ रही पà¥à¤°à¤¾à¤šà¥€à¤¨ पà¥à¤°à¤¥à¤¾ है। कपड़े में लपेटे जाने से बहà¥à¤¤ से नवजात सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ महसूस करते हैं कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इससे उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ गरà¥à¤ जैसी गरà¥à¤®à¤¾à¤¹à¤Ÿ और सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ मिलती है।
जब शिशॠबहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ थक गया हो, तो उसे शांत करने और सà¥à¤²à¤¾à¤¨à¥‡ के लिठà¤à¥€ इस तकनीक का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² किया जाता है। आप अपने शिशॠको सà¥à¤µà¥‹à¤¡à¤² करना चाहें या नहीं यह पूरी तरह आप पर निरà¥à¤à¤° करता है। बहरहाल, शिशॠको कपड़े में लपेटने के जोखिमों और फायदों के बारे में जानकर आपके लिठयह निरà¥à¤£à¤¯ करना आसान होगा कि आपके और शिशॠके लिठकà¥à¤¯à¤¾ सही है।
शिशॠको लपेटने या सà¥à¤µà¥‹à¤¡à¤² करने का कà¥à¤¯à¤¾ मतलब है?
शिशॠको कपड़े में लपेटने की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को अंगà¥à¤°à¥‡à¤œà¥€ में सà¥à¤µà¥‹à¤¡à¤²à¤¿à¤‚ग कहा जाता है। नवजात शिशॠको पतले कंबल या चादर में कसकर लपेटा जाता है, ताकि उसे सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ महसूस हो।
नवजात शिशà¥à¤“ं को शांत करने और उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ सà¥à¤²à¤¾à¤¨à¥‡ के लिठकई सौ वरà¥à¤·à¥‹à¤‚ से इस पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² किया जा रहा है।
नवजात शिशॠको कपड़े में लपेटने से कà¥à¤¯à¤¾ फायदा होता है?
कपड़े में अचà¥à¤›à¥€ तरह लिपटा हà¥à¤† शिशà¥, नींद में चौंका देने वाले à¤à¤Ÿà¤•ों से बचा रहता है। आपने शायद देखा होगा कि शिशॠसोते हà¥à¤ अचानक से चौंक जाता है और शरीर में à¤à¤Ÿà¤•ा सा आता है। इन à¤à¤Ÿà¤•ों को अंगà¥à¤°à¥‡à¤œà¥€ में सà¥à¤Ÿà¤¾à¤°à¥à¤Ÿà¤² रिफà¥à¤²à¥‡à¤•à¥à¤¸ (हिपà¥à¤¨à¤¾à¤—ॉजिक सà¥à¤Ÿà¤¾à¤°à¥à¤Ÿà¤²) कहा जाता है और ये à¤à¤•दम सामानà¥à¤¯ हैं।
यदि अपने सà¥à¤Ÿà¤¾à¤°à¥à¤Ÿà¤² रिफà¥à¤²à¤•à¥à¤¸ की वजह से शिशॠकी नींद न टूटे तो वह जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ लंबे समय तक सो सकता है।
जब गरà¥à¤ में शिशॠके लिठहिलने-डà¥à¤²à¤¨à¥‡ की जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ जगह नहीं बची थी, तो वह सिमटा हà¥à¤† सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ महसूस करता था। कà¥à¤› विशेषजà¥à¤žà¥‹à¤‚ का मानना है कि ​कपड़े में लपेटे जाने पर शिशॠको वही सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ माहौल मिलता है, जो उसे गरà¥à¤ में महसूस होता था। उसे लगता है कि किसी न उसे थामा हà¥à¤† है और वह कपड़े में सिमटा हà¥à¤† होने से उसे शांत होने में मदद कर सकता है, इसलिठशायद आप पाà¤à¤‚ कि शिशॠको सà¥à¤µà¥‹à¤¡à¤² करने से वह कम रोता है।
शिशॠजब बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ थक गया हो तो कपड़े में लपेटे जाने से उसे आराम मिल सकता है।
कà¥à¤¯à¤¾ शिशॠको लपेटने से कोई नà¥à¤•सान हो सकता है?
शिशॠको बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ कसकर बांधने से उसकी चलने​-फिरने और विकास की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ पर पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ पड़ सकता है। अगर आप उसे दोनों टांगे à¤à¤• साथ सीधा रखकर जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ कसकर लपेटेंगी, तो इससे कूलà¥à¤¹à¥‡ से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ (हिप डिसà¥à¤ªà¥à¤²à¥‡à¤¸à¤¿à¤¯à¤¾) उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ होने का खतरा रहता है।
सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करें कि आप इतनी जगह अवशà¥à¤¯ छोड़े कि शिशॠअपनी टांगों और पैरों को हिला-डà¥à¤²à¤¾ सके, विशेषकर टांगो को ऊपर और कूलà¥à¤¹à¥‹à¤‚ की तरफ नीचे कर सके।
आपके शायद सà¥à¤¨à¤¾ हो कि नवजात को कपड़े में लपेटने से अचानक शिशॠमृतà¥à¤¯à¥ सिंडà¥à¤°à¥‹à¤® (सडन इनà¥à¤«à¥‡à¤‚ट डेथ सिंडà¥à¤°à¥‹à¤® - à¤à¤¸à¤†à¤ˆà¤¡à¥€à¤à¤¸) होने का खतरा बढ़ जाता है। हालांकि, शोध दरà¥à¤¶à¤¾à¤¤à¥€ है कि यह खतरा सà¥à¤µà¥‹à¤¡à¤²à¤¿à¤‚ग की असà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ तकनीकों हो अपनाने जैसे कि शिशॠको पेट के बल सà¥à¤²à¤¾à¤¨à¥‡ या फिर मोटी चादर या कंबल ओढाने की वजह से बढ़ता है। शिशॠको लपेटने की वजह से à¤à¤¸à¤¾ नहीं होता।
शिशॠको लपेटने के लिठपतली सूती चादर जैसे कि मलमल का कपड़ा इसà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤² करें। सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करें कि आप शिशॠको हमेशा पीठके बल सà¥à¤²à¤¾à¤à¤‚, जिससे à¤à¤¸à¤†à¤ˆà¤¡à¥€à¤à¤¸ का खतरा कम होगा।
विशेषजà¥à¤ž यह à¤à¥€ सलाह देते हैं कि यदि आप शिशॠको कपड़े में लपेटना चाहें तो इसकी शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ जनà¥à¤® के समय से ही करें। दो या तीन महीने की उमà¥à¤° से शिशॠको सà¥à¤µà¥‹à¤¡à¤² करना शà¥à¤°à¥ न करें, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि तब à¤à¤¸à¤†à¤ˆà¤¡à¥€à¤à¤¸ का खतरा सबसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होता है। तब तक आपका शिशॠबिना लिपटे हà¥à¤ à¤à¥€ सोना सीख चà¥à¤•ा होता है, à¤à¤¸à¥‡ में उसकी नींद की आदत में बदलाव करना सही नहीं रहता।
यदि आप अपने शिशॠके साथ सोती हैं, तो सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ यही है कि आप उसे सà¥à¤²à¤¾à¤¤à¥‡ समय सà¥à¤µà¥‹à¤¡à¤² न करें। यदि शिशॠपहले से कपड़े में लिपटा हà¥à¤† हो और à¤à¤¸à¥‡ में आपकी चादर कंबल या रजाई उसपर ढक जाà¤, तो उसके शरीर का तापमान बढ़ सकता है। इससे à¤à¤¸à¤†à¤ˆà¤¡à¥€à¤à¤¸ का खतरा बढ़ सकता है। साथ ही, यदि आप शिशॠसे चिपककर à¤à¤•दम नजदीक सोà¤à¤‚गी तो शायद वह अपनी बाजू और टांगें हिलाकर आपको बता नहीं सकेगा कि वह असहजत महसूस कर रहा है।
अपने शिशॠको कैसे लपेटें?
शिशॠको कपड़े में लपेटने के बहà¥à¤¤ से तरीके हैं। शिशॠको सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ ढंग से लपेटने के ​à¤à¤• तरीके के बारे में यहां बताया गया है:
à¤à¤• समतल सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ पर सूती कपड़ा बिछाà¤à¤‚ और ऊपर à¤à¤• छोर को लगà¤à¤— 15 से.मी. (6 इंच) मोड़ कर तह लगाà¤à¤‚।
अपने शिशॠको पीठके सहारे लिटाकर उसका सिर उस तह पर रखें। यह देखें कि उसका सिर तह लगे किनारे से ऊपर की तरफ हो।
बाà¤à¤‚ तरफ के ऊपर के छोर को शिशॠके शरीर के ऊपर से ले जाकर उसके दाहिने हाथ और पीठके नीचे दबा दें।
बाईं तरफ के नीचे के छोर को खींचकर शिशॠके शरीर के ऊपर से लेते हà¥à¤ उसके बाà¤à¤‚ कंधे और बाजू के नीचे दबा दें।
दाहिना छोर लें और शिशॠके शरीर के ऊपर से लपेटते हà¥à¤ बाईं तरफ ले जाकर नीचे पीठकी तरफ à¤à¥€ पूरा लपेट दें। शिशॠका सिर और गरà¥à¤¦à¤¨ बाहर दिखेगी। आप शिशॠको थोड़ा पलटा à¤à¥€ सकती हैं, ताकि उसे अचà¥à¤›à¥€ तरह लपेटा जा सके।
लपेटने के दौरान इतनी जगह अवशà¥à¤¯ रखें कि शिशॠअपने कूलà¥à¤¹à¥‡ और घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‡ आराम से हिला-डà¥à¤²à¤¾ सके। वह अपने कूलà¥à¤¹à¥‡ ऊपर और बाहर की तरफ मोड़ सके। कà¥à¤› विशेषजà¥à¤žà¥‹à¤‚ की सलाह है कि शिशॠकी छाती और लपेटे जाने वाले कपड़े के बीच दो से तीन उंगलियों का अंतर होना चाहिà¤à¥¤
कà¥à¤› शिशॠअपनी बाजà¥à¤à¤‚ खà¥à¤²à¥€ रखना चाहते हैं। यदि आपका शिशॠà¤à¥€ à¤à¤¸à¤¾ चाहे तो उपर बताठगठनिरà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥‹à¤‚ का पालन करें, मगर चादर के किनारों को शिशॠके कंधों के उपर से ले जाने की बजाय उसकी बगल के नीचे दबा दें।
अपने शिशॠको सही तरीके से लपेटने के लिठहमारी फोटो गैलेरी और विडियो की मदद लीजिये।
यदि शिशॠकी देखà¤à¤¾à¤² कोई और करता है, तो सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करें कि उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ à¤à¥€ शिशॠको सही ढंग से लपेटना आता हो। आप उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ दिखाà¤à¤‚ कि शिशॠको सà¥à¤µà¥‹à¤¡à¤² करने का सही तरीका कà¥à¤¯à¤¾ है और सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करें कि वे शिशॠको पीठके बल ही सà¥à¤²à¤¾à¤à¤‚।
शिशॠको सà¥à¤µà¥‹à¤¡à¤² करना कब बंद कर देना चाहिà¤?
नवजात शिशॠको सà¥à¤µà¥‹à¤¡à¤² करने या उसे अचà¥à¤›à¥€ तरह कपड़े में लपेटने से जनà¥à¤® के बाद कà¥à¤› हफà¥à¤¤à¥‹à¤‚ और महीनों तक वह सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ महसूस करता है। मगर अधिकांश शिशॠकà¥à¤› समय बाद इसकी जरà¥à¤°à¤¤ महसूस नहीं करते।
जब शिशॠकरवट लेने या पीठसे पेट के बल अपने आप पलटने के संकेत देने लगे तो आप उसे सà¥à¤µà¥‹à¤¡à¤² करना बंद कर दें। यदि वह कपड़े में लिपटा रहेगा तो शायद वह पलटने के बाद दोबारा पहले वाली अवसà¥à¤¥à¤¾ में नहीं आ सकेगा। इससे उसे सांस लेने में मà¥à¤¶à¥à¤•िल हो सकती है, जिससे à¤à¤¸à¤†à¤ˆà¤¡à¥€à¤à¤¸ का खतरा बढ़ सकता है। हमेशा अपने शिशॠको पीठके बल ही सà¥à¤²à¤¾à¤à¤‚।
अपने शिशॠके संकेतों को पहचानें कि वह कब असहज महसूस कर रहा है। अगर शिशॠरोजाना लपेटी हà¥à¤ˆ चादर को लातें मारकर हटाने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करता है, तो यइ इस बात का इशारा हो सकता है कि अब वह इस तरह लिपटा हà¥à¤† नहीं रहना चाहता।
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